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राखी के धागे में विश्वास, हर बहन के साथ विष्णु भैया का संबल, रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन की राशि बनी बहनों के लिए शगुन, बलरामपुर की रानी, प्रमिला और करिश्मा के चेहरे पर आई मुस्कान….

रायपुर: रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और आत्मीय रिश्ते का पर्व है। इस पर्व पर भाई अपनी बहनों को स्नेह और उपहार देकर उनके जीवन में खुशियां भरते हैं।छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए इसी अपनत्व और भरोसे का अहसास बन रही है। रक्षाबंधन से पहले योजना की 31वीं किस्त के रूप में महिलाओं के खातों में पहुंची एक हजार रुपये की राशि ने इस बार त्योहार की खुशियों को और बढ़ा दिया है।

बलरामपुर की वार्ड क्रमांक-01 निवासी श्रीमती रानी एक्का के लिए महतारी वंदन की राशि राखी से पहले मिले भाई के उपहार जैसी है। खाते में राशि पहुंचने पर खुशी जाहिर करते हुए रानी कहती हैं कि रक्षाबंधन आने वाला है और ऐसे समय में एक हजार रुपये की राशि मिलना उनके लिए बहुत खुशी की बात है। उन्हें ऐसा महसूस होता है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश की बहनों को राखी का उपहार पहले ही भेज दिया है। उनके अनुसार यह राशि घर की जरूरतों में सहयोग देने के साथ छोटे-छोटे खर्चों के लिए आत्मनिर्भर बनने का भरोसा भी देती है।

विकासखण्ड बलरामपुर के ग्राम पंचायत भनौरा की श्रीमती प्रमिला विश्वकर्मा के लिए भी महतारी वंदन की 31वीं किस्त रक्षाबंधन का खास शगुन बनकर आई है। योजना के तहत उन्हें हर महीने एक हजार रुपये की सहायता राशि मिलती है और अब तक 30 हजार रुपये की राशि प्राप्त हो चुकी है। रक्षाबंधन से ठीक पहले मिली नई किस्त से वह अपने भाई के लिए राखी और मिठाई खरीदकर पूरे उत्साह के साथ पर्व मनाने की तैयारी कर रही हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को आत्मीयता से ‘विष्णु भैया’ कहते हुए प्रमिला कहती हैं कि भैया ने रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों को जो शगुन दिया है, वह उनके लिए बहुत खास है।

इसी तरह ग्राम डुमरखी की श्रीमती करिश्मा देवी के लिए महतारी वंदन की राशि त्योहार की तैयारियों में आत्मविश्वास का संबल लेकर आई है। खाते में राशि पहुंचने से अब उन्हें भाई के लिए राखी और मिठाई खरीदने के लिए किसी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। करिश्मा कहती हैं कि इस बार महतारी वंदन की राशि से रक्षाबंधन की तैयारी करना उन्हें और भी अच्छा लग रहा है। वह कहती हैं कि “विष्णु भैया का यही अरमान है कि हर बहन के चेहरे पर मुस्कान रहे।”
रानी, प्रमिला और करिश्मा की कहानी केवल तीन परिवारों की खुशियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस बदलाव की तस्वीर है, जिसमें महतारी वंदन योजना महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल देकर उन्हें अपनी जरूरतों और खर्चों के संबंध में निर्णय लेने का अवसर दे रही है। घर की छोटी-बड़ी जरूरतों से लेकर त्योहारों की तैयारी तक, यह राशि महिलाओं के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को मजबूत कर रही है।

रक्षाबंधन के अवसर पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर प्रेम और विश्वास का धागा बांधेंगी। वहीं प्रदेश की बहनों के लिए महतारी वंदन योजना का नियमित आर्थिक संबल भी भरोसे और सम्मान का एक ऐसा धागा बन रहा है, जो उन्हें हर महीने यह एहसास दिलाता है कि विष्णु भैया की सरकार उनके साथ खड़ी है।

इस रक्षाबंधन बहनों की कलाई पर राखी का धागा होगा, घर में मिठाई की मिठास होगी और खातों में महतारी वंदन का संबल। बहनों के चेहरे की मुस्कान में यही भाव झलक रहा है—“राखी के धागे में विश्वास अपार, बहनों के साथ विष्णु भैया की सरकार।”

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